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Monday, March 16, 2026


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उत्तराखण्ड में जल संरक्षण की ऐतिहासिक पहल – गैरसैंण से शुरू हुआ भूजल पुनर्भरण का नया अध्याय।

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गैरसैंण।उत्तराखण्ड में जल संकट की चुनौती से निपटने के लिए आज एक ऐतिहासिक पहल का आगाज हुआ। विधानसभा भवन, भराड़ीसैंण में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी एवं विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खण्डूड़ी भूषण ने स्वामी राम विश्वविद्यालय, जौलीग्रांट के सहयोग से “डायरेक्ट इंजेक्शन जल स्रोत पुनर्भरण योजना” का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर वाइब्रेंट बर्ड ऑफ कोटद्वार के नाम से फोटो संग्रह का विमोचन भी किया गया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा राज्य सरकार तकनीकी नवाचारों को अपनाकर राज्य के जल संकट को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह जल संरक्षण के क्षेत्र में अच्छा प्रयास है।

विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खण्डूड़ी भूषण ने कहा कि जल संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की भविष्य की जीवनरेखा है। उन्होंने कहा कि “भूजल पुनर्भरण भविष्य की जल सुरक्षा का आधार बनेगा। यह योजना उत्तराखण्ड में सतत जल प्रबंधन और जल संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।”

कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी गई कि इस परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 8 जुलाई 2025 को अंतर्राष्ट्रीय संसदीय अध्ययन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, भराड़ीसैंण और स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के बीच एक MoU हुआ था। डायरेक्ट इंजेक्शन जल स्रोत पुनर्भरण योजना के अंतर्गत उपचारित वर्षा जल को निष्क्रिय हैंडपंपों में इंजेक्ट कर भूजल स्तर को बढ़ाया जाएगा। इस तकनीक को स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय, जौलीग्रांट के विशेषज्ञों द्वारा विकसित किया गया है। योजना के पहले चरण में ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण और चौखुटिया विकासखंडों के 20 चयनित हैंडपंपों को पुनर्भरण कर पुनः क्रियाशील बनाया जाएगा। यह प्रयास उत्तराखण्ड में जल प्रबंधन के लिए एक स्थायी समाधान की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय की तकनीकी टीम—प्रोफेसर एच.पी. उनियाल, नितेश कौशिक, सुजीत थपलियाल, राजकुमार वर्मा, अतुल उनियाल, अभिषेक उनियाल और शक्ति भट्ट ने योजना की तकनीकी प्रक्रिया पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार यह तकनीक वर्षा जल को फिल्टर और ट्रीट कर सीधे भूजल भंडार तक पहुंचाती है, जिससे सूखे हैंडपंप फिर से जीवंत हो जाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा तैयार की गई एक डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई, जिसमें गैरसैंण क्षेत्र के गांवों में लागू की गई तकनीक और उसके परिणामों को दिखाया गया।

इस अवसर पर वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल, कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी, विधायकगण, विभिन्न विभागों के सचिव एवं विधानसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी सहित स्वामी राम विश्वविद्यालय के अधिकारी उपस्थित रहे।

नैनीताल- जिला पंचायत सदस्यों के मामले में हाईकोर्ट में हुई सुनवाई,एसएसपी पर सख्त हुआ हाईकोर्ट, चीफ जस्टिस ने जताई नाराजगी।

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नैनीताल- उत्तराखंड के बहुचर्चित जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव और अपहरण प्रकरण की सुनवाई सोमवार को उत्तराखंड उच्च न्यायालय, नैनीताल में हुई, लेकिन कोर्ट की खंडपीठ ने फिलहाल कोई निर्णय नहीं सुनाया। अब इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार, 19 अगस्त को होगी। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ कर रही है।

सोमवार को कोर्ट ने जिला प्रशासन और पुलिस को कई अहम निर्देश दिए। हाईकोर्ट ने नैनीताल के DM और SSP को निर्देश दिया कि वे अब तक इस मामले में हुई सभी कार्यवाहियों का विवरण एक शपथपत्र (एफिडेविट) के रूप में कोर्ट में प्रस्तुत करें। इसके साथ ही SSP ने कोर्ट में वादा किया कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी 24 घंटे के भीतर की जाएगी।

पंचायत सदस्यों की बात सुनने से कोर्ट का इनकार

हाईकोर्ट ने जिला पंचायत के उन पांचों सदस्यों की बात सुनने से साफ इनकार कर दिया जिनके अपहरण का आरोप लगा है। कोर्ट ने कहा कि ये सदस्य पहले ही कोर्ट को गुमराह कर चुके हैं, इसलिए उनकी व्यक्तिगत दलीलें नहीं सुनी जाएंगी।

दोबारा चुनाव की याचिका पर फिलहाल नहीं होगी सुनवाई

हाईकोर्ट ने फिलहाल री-पोल (दुबारा चुनाव) को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से भी इंकार कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह इस समय केवल चुनाव के दिन हुई घटनाओं से जुड़े मुद्दों पर ही सुनवाई कर रही है और इसी बिंदु पर स्वतः संज्ञान लिया गया है।

बीजेपी नेताओं पर गिरफ्तारी की तलवार – हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब आरोपी बीजेपी नेताओं और कथित अपहरणकर्ताओं पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। SSP नैनीताल ने खुद कोर्ट में 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन दिया है।

नैनीताल हाईकोर्ट सख्त, SSP को लगाई फटकार

नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव प्रकरण को लेकर उत्तराखंड उच्च न्यायालय में चल रही सुनवाई के दौरान सोमवार को कोर्ट का रुख बेहद सख्त देखने को मिला। मुख्य न्यायाधीश ने SSP नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा को कड़ी फटकार लगाते हुए कई तीखे सवाल पूछे। कोर्ट ने यहां तक कह दिया कि नैनीताल सिर्फ पर्यटक स्थल नहीं है, यह हाईकोर्ट भी है।

हाईकोर्ट में पेश वायरल वीडियो पर जवाब देते हुए SSP ने उसका बचाव करने की कोशिश की, जिस पर कोर्ट ने नाराज़गी जताई और पूछा, “क्या हम अंधे हैं?” कोर्ट ने तीखे लहजे में सवाल किया, “आपकी पुलिस फोर्स कहां थी? और शहर में हिस्ट्रीशीटर क्या कर रहे थे?” कोर्ट ने SSP पर आरोप लगाया कि वह अपराधियों का जबरन बचाव कर रहे हैं। चीफ जस्टिस ने सरकारी वकील से सीधे कहा, “सरकार से कहिए कि SSP का ट्रांसफर कर दिया जाए।

प्रधानाचार्य सीधी भर्ती के खिलाफ राजकीय शिक्षक संघ चॉक डाउन हड़ताल पर।

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उत्तराखण्ड।प्रधानाचार्य सीधी भर्ती के खिलाफ राजकीय शिक्षक संघ आज से चॉक डाउन हड़ताल शुरू करने जा रहा है। इसे स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो सकता है। हालांकि भर्ती समर्थक शिक्षकों ने खुद को हड़ताल से अलग कर लिया है। जबकि एलटी समायोजित प्रधानाचार्य सीधी भर्ती के खिलाफ राजकीय शिक्षक संघ सशर्त हड़ताल में शामिल होंगे। पहले राजकीय शिक्षक संघ 11 अगस्त से हड़ताल करने जा रहे थे, लेकिन उत्तरकाशी की आपदा को देखते हुए हड़ताल को 17 अगस्त तक स्थगित कर दिया गया था। राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा कि सभी शिक्षक एकजुटता के साथ आज से हड़ताल में शामिल हो रहे हैं।

पहले चरण में स्कूल स्तर पर चॉकडाउन हड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि संघ प्रधानाचार्य की सीधी भर्ती प्रक्रिया का विरोध करता है और पदोन्नति के साथ ही स्थानांतरण प्रक्रिया को जल्द शुरू करने का मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसके बाद ब्लॉक, जिला और मंडल के साथ ही प्रदेश मुख्यालय में भी अलग-अलग चरण में आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन्होंने हड़ताल से खुद को अलग किया है, उनकी संख्या काफी कम है और अधिकांश शिक्षक हड़ताल में शामिल हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट बैठक,जिसमें कुल पांच प्रस्ताव पर कैबिनेट ने लगाई अपनी मुहर।

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देहरादून।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में कैबिनेट की बैठक हुई। जिसमें कुल पांच प्रस्ताव पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई है। यूसीसी के तहत होने वाले रजिस्ट्रेशन के टाइम को बढ़ा दिया गया है कैबिनेट ने आज यूसीसी के तहत होने वाले रजिस्ट्रेशन खासतौर से शादी रजिस्ट्रेशन की समय सीमा को बढ़ा दिया है। जिस तरह से अब यूसीसी के नियम के तहत जनवरी 2026 तक रजिस्ट्रेशन लोग कर सकते हैं। उस पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई है साथ ही उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा कल्याण बोर्ड के गठन के प्रस्ताव पर सहमति दी गई है आज की कैबिनेट की बैठक में यह फैसला किया गया कि अगर उत्तराखंड में ईसाई या अन्य अल्पसंख्यक अपनी शिक्षण संस्थान (स्कूल) खोलते हैं तो उसके लिए अब बोर्ड से रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा।यानी एजुकेशन अथॉरिटी का गठन किया जा रहा है।

19 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा के सत्र में आने वाले कई प्रस्ताव को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा की गई है.जिसमें=विधेयक भी शामिल है इसी तरह से आज की कैबिनेट की बैठक में सेवा नियमावली से संबंधित प्रस्ताव पर मुहर लगी है। आज की कैबिनेट की बैठक में मुहर लगाई है। वही UCC के रजिस्ट्रेशन की अवधि बढ़ाने को लेकर भी फैसला लिया गया है. इसके साथ ही कई विधेयक को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है जो विधानसभा सत्र के दौरान पटल पर रखे जाने हैं।

उत्तराखंड कैबिनेट ने आज एक निर्णय लिया है। इसमें यह तय किया गया है कि आगामी विधानसभा सत्र में उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान अधिनियम, 2025 लाया जाएगा। अभी तक अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान का दर्जा केवल मुस्लिम समुदाय को मिलता था। प्रस्तावित विधेयक के अंतर्गत अब अन्य अल्पसंख्यक समुदायों जैसे- सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध एवं पारसी को भी यह सुविधा मिलेगी। यह देश का पहला ऐसा अधिनियम होगा जिसका उद्देश्य राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों द्वारा स्थापित शैक्षिक संस्थानों को मान्यता प्रदान करने हेतु पारदर्शी प्रक्रिया स्थापित करना है, साथ ही शिक्षा में गुणवत्ता और उत्कृष्टता सुनिश्चित करना है।

अधिनियम की मुख्य विशेषताएँ

1 – प्राधिकरण का गठन राज्य में उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया जाएगा, जो अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान का दर्जा प्रदान करेगा।

2 – अनिवार्य मान्यता – मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन या पारसी समुदाय द्वारा स्थापित किसी भी शैक्षिक संस्थान को अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान का दर्जा पाने हेतु प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

3 – संस्थागत अधिकारों की सुरक्षा अधिनियम अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों की स्थापना एवं संचालन में हस्तक्षेप नहीं करेगा, बल्कि यह सुनिश्चित करेगा कि शिक्षा की गुणवत्ता और उत्कृष्टता बनी रहे।

4 – अनिवार्य शर्तें – मान्यता प्राप्त करने हेतु शैक्षिक संस्थान का सोसाइटी एक्ट, ट्रस्ट एक्ट या कंपनी एक्ट के अंतर्गत पंजीकरण होना आवश्यक है। भूमि, बैंक खाते एवं अन्य संपत्तियाँ संस्थान के नाम पर होनी चाहिए। वित्तीय गड़बड़ी, पारदर्शिता की कमी या धार्मिक एवं सामाजिक सद्भावना के विरुद्ध गतिविधियों की स्थिति में मान्यता वापस ली जा सकती है।

5 – निगरानी एवं परीक्षा – प्राधिकरण यह सुनिश्चित करेगा कि शिक्षा उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार दी जाए और विद्यार्थियों का मूल्यांकन निष्पक्ष एवं पारदर्शी हो।

अधिनियम का प्रभाव

राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों के शैक्षिक संस्थानों को अब पारदर्शी प्रक्रिय के माध्यम से मान्यता मिलेगी। शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे। राज्य सरकार के पास संस्थानों के संचालन की निगरानी करने और समय-समय पर आवश्यक निर्देश जारी करने की शक्ति होगी।

राज्य निर्वाचन आयोग ने लिया फायरिंग मामले का संज्ञान।

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देहरादून-/ राज्य निर्वाचन आयोग ने लिया फायरिंग मामले का संज्ञान

बेतालघाट में ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के दौरान हुई फायरिंग का लिया संज्ञान

नैनीताल के बेतालघाट में 14 अगस्त को प्रमुख उपप्रमुख के चुनाव के दौरान हुई थी फायरिंग

पुलिस क्षेत्राधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के निर्देश

बेतालघाट थाना अध्यक्ष को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई किए जाने के दिए निर्देश

19 से 22 अगस्त के बीच भराड़ीसैंण में ही होगा विधानसभा का मानसून सत्र।

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देहरादून- मानसून सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय को विधायकों से अब तक 547 प्रश्न प्राप्त हो चुके हैं। उधर, विधानसभा ने भी सत्र का सुचारू रूप से संचालित करने के लिए तैयारियां तेज कर दी है। भराड़ीसैंण विधानसभा भवन के सभा मंडप में साउंड प्रूफ व डिजिटाइजेशन का काम पूरा हो चुका है।।

बता दें कि भराड़ीसैंण विधानसभा में ई-नेवा के तहत डिजिटाइजेशन व अन्य सुधारीकरण का काम होने से बजट सत्र देहरादून में हुआ था। सरकार ने मानसून सत्र गैरसैंण में करने का निर्णय लिया है।

नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर हाईकोर्ट ने दिया बड़ा आदेश।

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नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव अब दोबारा होगा। कांग्रेस की तरफ से इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने के बाद हाईकोर्ट ने चुनाव दोबारा करने के आदेश दिए हैं। चुनाव की तिथि क्या होगी और क्या आगे की प्रक्रिया रहेगी इस बारे में अभी विस्तृत आदेश आना बाकी है। नैनीताल की जिलाधिकारी वंदना सिंह कोर्ट में उपस्थित हुई और उन्होंने प्रशासन और सरकार का पक्ष रखा।

नैनीताल में कांग्रेस की ओर से जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण होने के आरोप को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जिसके बाद हाईकोर्ट ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को दोबारा करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट लापता हुए जिला पंचायत सदस्यों का अभी तक पता नहीं लगने से नाराज है। अदालत ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और लापता जनप्रतिनिधियों को लेकर प्रशासन की निष्क्रियता चिंता का विषय है।

इस मामले में एसएसपी ने कहा कि उन्होंने प्रकरण से संबंधित कोई वीडियो नहीं देखा है। हाईकोर्ट का इस मामले में अभी लिखित आदेश आना बाकी है मगर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह कहा कि चुनाव दोबारा कराए।

जखोली में प्रमुख पद पर कांग्रेस की विनीता का कब्जा, ज्येष्ठ प्रमुख पद पर नवीन व कनिष्ठ पर राजेन्द्र सिंह ने मारी बाजी,

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जखोली में प्रमुख पद पर कांग्रेस की विनीता का कब्जा,

ज्येष्ठ प्रमुख पद पर नवीन व कनिष्ठ पर राजेन्द्र ने मारी बाजी,

जखोली ब्लॉक प्रमुख सीट पर कांग्रेस की विनीता चमोली ने जीत हासिल की है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी को 4 मतों से परास्त किया। उनकी प्रतिद्वंदी प्रिया को 18 मत पड़े, जबकि विनीता को 22 वोट पड़े। ज्येष्ठ प्रमुख पद पर नवीन सेमवाल को 22 व राजेन्द्र प्रसाद को 18 मत पड़े। इसके अलावा कनिष्ठ उप प्रमुख पद पर राजेन्द्र सिंह रावत को 22 व जगत सिंह को 18 मत पड़े।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को संसदीय कार्यमंत्री की ज़िमेदारी !

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी द्वितीय सत्र के दौरान संबंधित विभागों से जुड़े सवालों के उत्तर देने के लिए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को अधिकृत किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा के वर्ष 2025 के द्वितीय सत्र की शुरुआत 19 अगस्त (मंगलवार) से होने जा रही है। इस सत्र में मुख्यमंत्री से संबंधित विभागों से प्राप्त होने वाले सभी विधायी एवं संसदीय प्रश्नों के उत्तर देने तथा आवश्यक कार्यों के लिए मंत्री सुबोध उनियाल को प्राधिकृत किया गया है।

धामी कैबिनेट की बैठक में इन 21अहम प्रस्तावों पर मोहर,अग्निवीरों के लिए बड़ा फैसला।

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देहरादून-

उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में कुल 26 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें राज्य के प्रशासन, सुरक्षा, धर्मांतरण कानून और आईटी क्षेत्र से जुड़े कई अहम फैसले शामिल हैं।

अग्निवीरों को मिला 10% क्षैतिज आरक्षण

कैबिनेट के सबसे बड़े निर्णयों में से एक रहा राज्य में अग्निपथ योजना’ के तहत सेवा देने वाले अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय।

यह आरक्षण पुलिस, गृह विभाग और वन विभाग की भर्तियों में लागू होगा। इसके अतिरिक्त, अग्निवीरों को आयु सीमा में भी विशेष छूट दी जाएगी।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 तक करीब 850 अग्निवीर सेवा समाप्त कर राज्य में लौटेंगे, जिन्हें इस फैसले से सीधा लाभ मिलेगा।

धर्मांतरण कानून को बनाया गया और सख्त

कैबिनेट ने धर्मांतरण विरोधी कानून को और अधिक कठोर बनाने का फैसला लिया है।

नए संशोधनों के तहत धर्मांतरण के मामलों में कड़ी सजा और कार्रवाई का प्रावधान किया जाएगा।

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के लिए नई नियमावली

बैठक में वर्ष 2025 के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की नई नियमावली को भी मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य राज्य में डिजिटल सेवाओं का विस्तार,ई-गवर्नेंस को मजबूत करना, और आईटी निवेश को बढ़ावा देना है।

वनीकरण निधि प्रबंधन से संबंधित नियमों में संशोधन को मंजूरी, जिससे वन क्षेत्र के विकास कार्यों में पारदर्शिता और गति आएगी।

सहकारिता सेवा मंडल नीति को स्वीकृति मिली, जिससे सहकारी समितियों के कार्यों में सुधार होगा।

उद्योगों की स्थापना और निर्माण के लिए नई मंजूरी प्रणाली विकसित की गई है, जिससे निवेशकों को प्रक्रिया में सुविधा मिलेगी और राज्य में औद्योगिक विकास को बल मिलेगा।

✅कैबिनेट बैठक प्रमुख निर्णय⤵️

उत्तराखण्ड परियोजना विकास एवं निर्माण निगम (UPDCC) के ढ़ांचे का पुनर्गठन तथा यू०आई०आई०डी०बी० तथा डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी जलाशय के कार्यों के सम्पादन हेतु 02 अतिरिक्त्त कार्यक्रम कियान्वयन इकाई (Program Implemantation Unit) का गठन करते हुए सिंचाई विभाग से सेवा-स्थानान्तरण पर लिये जाने वाले संवर्गीय कार्मिकों के 91 अतिरिक्त पदों एवं बाह्य स्रोतों से नियत मानदेय पर 04 अतिरिक्त पदों के सृजन को मंजूरी। सेवा स्थानांतरण के आधार पर सिंचाई विभाग से तथा वेतन आदि सिंचाई विभाग द्वारा ही देय होगा।

यू०पी०डी०सी०सी०लि० एवं 04 पी०आई०यू० में सृजित होने वाले कैडर पदों के सापेक्ष राज्य सरकार द्वारा कोई अतिरिक्त व्ययभार वहन नहीं किया जाना है। आउटसोर्स के माध्यम से सृजित होने वाले पदों पर कार्मिकों की तैनाती / नियुक्ति का व्ययभार सम्बन्धित परियोजनाओं की आकस्मिक निधि से वहन किया जाएगा।

02 – सहकारिता विभाग की अधिसूचना दिनांक 23.07.2001 द्वारा नवगठित उत्तराखण्ड राज्य के सीमित संशाधनों के कारण उ०प्र० सहकारी संस्थागत सेवामण्डल नियमावली को विखण्डित करते हुए सम्पूर्ण शक्तियां निबन्धक, सहकारी समितियां, उत्तराखण्ड में निहित की गयी।
वर्तमान में उत्तराखण्ड सहकारिता विभाग के अन्तर्गत कार्मिकों का कैडर प्रबन्धन, सेवा सम्बन्धी प्रकरणों में नीतियों का अवधारण, कार्मिकों का प्रशिक्षण एवं अनुशासनिक नियन्त्रण तथा भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता लाये जाने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड सहकारी संस्थागत सेवामण्डल की अधिसूचना के गठन का निर्णय लिया गया है।
इस अधिसूचना में यह भी प्राविधान किया गया है कि राज्य व जिला सहकारी बैंकों एवं अन्य सहकारी समितियों के विभिन्न पदों की भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता एवं शुचिता लाए जाने हेतु चतुर्थ श्रेणी के पदों को छोड़कर अन्य पदों पर भर्ती परीक्षा “बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (आई०बी०पी०एस०)” के माध्यम से कराया जायेगा।

03 – राजकीय औद्योगिक आस्थानों में शेड/ भूखंडों के आवंटन/ निरस्तीकरण/ स्थानांतरण/ किराया आदि के संबंध में एकीकृत प्रक्रिया में संशोधन को मंजूरी।

04 – उत्तराखंड राज्याधीन सेवाओं में समूह ग के सीधी भर्ती के वर्दीधारी पदों पर सेवायोजन हेतु सेवामुक्त अग्निवीरों को क्षैतिज आरक्षण नियमावली – 2025 मंजूर।

05 – उत्तराखंड उच्चतर न्यायिक सेवा (संशोधन), नियमावली 2025 मंजूर।

06 – उत्तराखंड भू सम्पदा नियामक प्राधिकरण (रेरा) के वार्षिक प्रतिवेदन 2023-24 को विधानसभा में सदन पटल पर रखे जाने को मंजूरी मिली।

07 – लखवाड़ बहुउद्देशीय जल विद्यतु परियोजना के लिए देहरादून जनपद के ग्रामों में अधिग्रहण किए जाने वाली भूमि की दरें, जनपद टिहरी के ग्रामों के समक्षक की गई।

08 – उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड, के वर्ष 2021-22 के वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन को विधानसभा पटल पर प्रस्तुत करने का मंजूरी।

09 – विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 104 (4) के अंतर्गत उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के वित्तीय वर्ष 2023-24 के वार्षिक लेखा विवरण को विधानमंडल के पटल पर रखे जाने को मंजूरी।

10 – विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 105 के अंतर्गत उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के वित्तीय वर्ष 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट को विधानमंडल के पटल पर रखे जाने को मंजूरी।

11 – विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 181 के अंतर्गत उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग द्वारा अधिसूचित किए गए विनियमों को अधिनियम की धारा – 182 के अतर्गत विधानमंडल के पटल पर रखे जाने को मंजूरी।

12 – कम्पनी अधिनियम 2013, की धारा 395 (बी) के अनुपालन के क्रम में उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लि. के वित्तीय वर्ष 2023-24 के वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा के पटल पर रखे जाने को मंजूरी।

13 – जनपद ऊधमसिंहनगर में स्थित पन्तनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण हेतु राज्य सरकार द्वारा धनराशि रू0 188.55 करोड़ वहन किये जाने की स्वीकृति के उपरान्त भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के पत्र दिनांक 06.06.2025 द्वारा पंतनगर एयरपोर्ट के राष्ट्रीय राजमार्ग-87 (नया एन०एच० संख्या-109) के पुनः संरेखण व निर्माण कार्य हेतु राज्य सरकार व भारत सरकार द्वारा संरेखण एवं निर्माण हेतु संशोधित आंगणित धनराशि (रू0 310.60 करोड़) को संयुक्त रूप से वहन किये जाने के क्रम में प्रेषित पत्र के आलोक में मा० मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड व मा० मंत्री संड़क परिवहन एवं राजमार्ग, मत्रालय, भारत सरकार के मध्य बनी सहमति के फलस्वरूप संशोधित परियोजना की कुल पूँजीगत लागत धनराशि रू0 310.60 करोड के सापेक्ष भारत सरकार द्वारा वहन की जाने वाली अतिरिक्त धनराशि में से परियोजना की लागत के अनुसार आंगणित एस०जी०एस०टी० की धनराशि रू0 22.73 करोड़ को माफ (Waive Off) किया गया।

14- उत्तराखंड पशुपालन विभाग सांख्यिकीय सेवा नियमावली 2025 का प्राध्यापन।

15 – उत्तराखंड वित्त सेवा (संशोधन) नियमावली 2025 मंजूर।

16 – सूचना प्रौद्योगिकी, सूराज एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत, विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं नवाचार (एसटीआई) नीति – 2025 मंजूर।

17 – नगर निकायों में निर्वाचन के दृष्टिगत अन्य पिछड़ा वर्ग के सर्वेक्षण कार्य के लिए पूर्व की तरह उत्तराखंड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्री बीएस वर्मा की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय समर्पित आयोग के गठन का निर्णय लिया गया।

18 – राज्य में श्री बद्रीनाथ तथा श्री केदारनाथ मंदिर के प्रशासन की व्यवस्था श्री बद्रीनाथ एवं श्री केदारनाथ मंदिर अधिनियम, 1939 के अंतर्गत निर्धारित की गयी है तथा उक्त अधिनियम के तहत श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति का गठन किया गया है। श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अधीन 47 मंदिरों के प्रबंधन एवं श्री बद्रीनाथ धाम-श्री केदारनाथ धाम यात्रा में आने वाले श्रद्वालुओं की बढ़ती हुई संख्या को दृष्टिगत रखते हुये यात्रा का संचालन सुचारू / सुविधाजनक एवं सुरक्षित बनाये जाने हेतु श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में उपाध्यक्ष का 01 अतिरिक्त पद सृजित किया गया।

19 – ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत प्रादेशिक विकास सेवा नियमावली 2011 में संशोधन को मंजूरी ।

20- उत्तराखंड पंचायतीराज (संशोधन) विधेयक 2025 को विधानसभा के समक्ष पुर: स्थापित किए जाने को मंजूरी।

21 – कार्मिक एवं सतर्कता विभाग के शासनादेश संख्या-111/XXX(2)/2018-30(12) / 2018, दिनांक: 27.04.2018 के राज्य के विभिन्न विभागों में दैनिक वेतन/संविदा एवं आउटसोर्स पर तैनात कार्मिकों के संबंध में दिशा-निर्देश निर्गत किये गये हैं। उक्त शासनादेश के प्राविधानों में शासनादेश संख्या-292260 / 2025, दिनांक 25 अप्रैल, 2025 के द्वारा सेवा नियमावली के आलोक में विभागीय पदीय संरचना में स्वीकृत नियमित पदों पर केवल नियमित चयन प्रक्रिया के माध्यम से ही कार्मिकों का नियोजन किया जाए, का प्रावधान किया गया है। उक्त से राज्य के अनेक विभागों के कार्य संचालन में उत्पन्न हो रही कठिनाइयों के तात्कालिक निवारण हेतु मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में समिति का गठन प्रस्तावित किया जा रहा है। समिति विभागीय प्राप्त प्रस्तावों का गुणावगुण आधार पर सम्यक परीक्षण कर अपनी संस्तुतियां अंतिम निर्णयार्थ मुख्यमंत्री को प्रस्तुत करेगी।