उत्तराखंड-उत्तराखंड शासन से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। आईएफएस अफसरों के बड़े स्तर पर ट्रांसफर ऑर्डर जारी किये गए है। वन विभाग में कई आईएफएस अफसरों के तबादले करने के साथ अतिरिक्त प्रभार दिए गए हैं। वहीं कई अफसरों के अतिरिक्त प्रभार को हटाए भी गए है।
समीर सिंन्हा को हटाया गया रंजन मिश्रा को वन्यजीव प्रतिपालक का चीफ बनाया गया है।
प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव की जिम्मेदारी रंजन मिश्रा को दी गई, जबकि समीर सिन्हा को कैंपा का सीईओ बनाया गया है। अपर प्रमुख वन संरक्षक परियोजना एवं सामुदायिक कपिल लाल को सीसीएफ पर्यावरण का अतिरिक्त प्रभार, विवेक पांडे को अपर प्रमुख वन संरक्षक वन अनुसंधान प्रबंधन एवं प्रशिक्षण, हल्द्वानी में नई तैनाती दी गई है।
अपर प्रमुख वन संरक्षक निशांत वर्मा से मानव संसाधन विकास एवं कार्मिक प्रबंधन का अतिरिक्त प्रभार हटाया गया है। मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल नरेश कुमार से मुख्य वन संरक्षक पारिस्थतिकीय पर्यटन, प्रचार एवं विस्तार व प्रबंध निदेशक, इको टूरिज्म विकास निगम का अतिरिक्त प्रभार हटाया गया है।
बांस रेशा विकास परिषद के सीईओ मनोज चंद्रन को नामिम गंगे परियोजना का निदेशक, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद मीनाक्षी जोशी मुख्य वन संरक्षक सतर्कता एवं विधि प्रकोष्ठ का कार्यभार संभालेंगी। जायका के परियोजना निदेशक प्रसन्न पात्रो को सीईओ बांस रेशा विकास परिषद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
मुख्य वन संरक्षक राहुल को सीसीएफ वन उपयोग एनटीएफपी और आजीविका का अतिरिक्त प्रभार, सीसीएफ कुमाऊं धीरज पांडे को वन संरक्षक उत्तरी वृत्त का अतिरिक्त प्रभार मिला है। वन संरक्षक उत्तरी वृत्त कोको रोसो को राजाजी नेशनल पार्क का निदेशक बनाया गया है।
डीएफओ रामनगर दिगांथ नायक से डिप्टी डायरेक्टर कार्बेट टाइगर रिजर्व का प्रभार हटाया गया है। आकाश गंगवार को उप वन संरक्षक लैंसडोन, नवीन पंत को डीएफओ कालागढ़ वन प्रभाग बनाया गया है।
परिवीक्षाधीन तरुण एस को उप वन संरक्षक केदारनाथ वन प्रभाग पर तैनात किया गया है। डीएफओ कल्याणी से उप वन संरक्षक केदारनाथ वन प्रभाग का अतिरिक्त प्रभार हटाया गया है। परिवीक्षाधीन राहुल मिश्रा को डिप्टी डायरेक्टर सीटीआर बनाया गया है




मुख्यमंत्री के बगल में फोटो शूट करके व चंद शोशियल मीडिया वीरों की मुलाकत मुख्यमंत्री से करवाने पर क्षेत्र का विकास नहीं होगा। सोशियल मीडिया वीरों से हवा बनाने से चुनाव कैसे जीत जाएंगे ये देखने वाली बात होगी।
कलफ लगे सफेद कपड़े पहनकर नेता बन जाना और सामाजिक चेतना के साथ राजनैतिक चेतना का आत्मसात होकर नेता बनना स्पष्ट रूप से अलग अलग प्रतिबिम्बित होते हैं। गढ़वाल में एक पखाणा है कोरु नेता अर उखड़ी नेता
आखिर इस क्षेत्र से पलायन भी न के बराबर है और लगभग 19 से 20 गावों की लाइफलाइन के साथ भगवान वासुदेव मंदिर व बधानीताल जैसे खूबसूरत पर्यटक स्थलों वाला क्षेत्र वर्तमान में व्यवस्थाओं ने क्षेत्र की दुर्दशा से पर्यटन के मानचित्र जगह नहीं बनाई है। यह क्षेत्र के विकास के लिए अपना अहम योगदान देते पर्यटकों के आने से क्षेत्र में स्वरोजगार की सम्भवनाएँ अधिक होती जो की शून्य हैं।मुख्यमंत्री के बगल में फोटो शूट करके व चंद शोशियल मीडिया वीरों की मुलाकत मुख्यमंत्री से करवाने पर क्षेत्र का विकास नहीं होगा। सोशियल मीडिया वीरों से हवा बनाने से चुनाव कैसे जीत जाएंगे ये देखने वाली बात होगी।

जिसका उद्घाटन DIET रुद्रप्रयाग के प्रभारी प्राचार्य श्री हरी बल्लभ डिमरी, द्वारा किया गया इस कार्यकर्म में डाइट कोऑर्डिनेटर डॉ विनोद यादव, प्रदीप चमोली और iRISE IISER पुणे के मोहम्मद तकी, नजीला, उपस्थित थे।
इस तीन दिवसीय कार्यशाला में विज्ञान और गणित के कई रोचक गतिविधियाँ कराई जाएगी l जिसके माध्यम से विज्ञान और गणित को बच्चों के बीच लोकप्रिय बनाया जा सकता है l उक्त प्रशिक्षण में रटने की जगह समझने की प्रवृति को प्राथमिकता दी गई है l


सोमवार सुबह तहसील चिन्यालीसौड़ के अंतर्गत बड़ी मणि जोगत मोटर मार्ग पर वाहन गिरने की सूचना पर राजस्व टीम, थाना चिन्यालीसौड़ से पुलिस टीम, 108 एम्बुलेंस, एसडीआरएफ रावाना हुई।ग्राम छोटी मणी नैल के पास चालक देवेंद्र सिंह चौहान स्कूल टीचरों को लेकर जा रहा था। तभी अचानक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया।जिसमें एक व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं अन्य वाहन सवार सामान्य बताए जा रहे हैं। उक्त वाहन में लगभग 10 से 12 टीचर सवार बताये जा रहे हैं,जिनमें से एक शिक्षक की हालत गंभीर बताई गयी है।

गत दिवस हुई समीक्षा बैठक में प्राधिकरण के चेयरमैन अरविंद सिंह ह्यांकी ने स्टेट एंटी फ्राड यूनिट को सतर्क रहने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने ऑडिट को और अधिक सावधानीपूर्वक व गुणवत्ता के साथ करने के निर्देश दिए। विशेष आडिट में आयुष्मान के अंतर्गत इलाज लेने के पूर्व और बाद में लाभार्थी ऑडिट आयोजित करने के निर्देश दिए।
इस स्थान पर दोनो ओर से होने वाली आवाजाही को सुरक्षित तरीके से संचालित किए जाने हेतु सुरक्षाबल (स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ) तैनात है। केवल पैदल चलने वाले यात्रियों को ही यहां से जाने दिया जा रहा है। घोड़ा-खच्चरों का संचालन यहां पर मार्ग के पूरी तरह से तैयार होने पर किया जाएगा।




