ग्रामीणों के विरोध के चलते नहीं हो पाया ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन पर मेन टनल का फास्ट ब्रेक थ्रू
ग्रामीणों ने अपनी मांगांे को लेकर सुबह से ही रूकवा दिया कार्य
आज होना था रेल लाइन पर नरकोटा से खांखरा के बीच मेन टनल का फास्ट ब्रेक थ्रू
रुद्रप्रयाग। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के नरकोटा-खांकरा 2 किमी के मेन टनल का फास्ट ब्रेक थ्रू का शुभारम्भ ग्रामीणों के विरोध के चलते नहीं हो पाया। नरकोटा के ग्रामीणों ने सुबह 7 बजे मैक्स कंपनी का काम रोक दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आरवीएनएल और मैक्स कंपनी ग्रामीणों के साथ खिलवाड़ कर रही है। टनल निर्माण से ग्रामीणों के आवसीय भावनों पर दरारें पड़ी हैं, जिसका मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। जबकि स्थानीय युवाओं को कंपनी ने रोजगार नहीं दे रही है। दो साल से आरवीएनएल और मैक्स कंपनी ग्रामीणों को बेवकूफ बना रही है। रविवार को ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर नरकोटा से खांखरा के बीच दो किमी रेल टनल का ग्रामीणों के विरोध के चलते फास्ट ब्रेक थू्र नहीं हो पाया। ग्रामीण सुबह से ही टनल के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गये। ग्रामीणांे का आरोप है कि ब्लाॅस्टिंग के चलते उनके मकान जर्जर हो चुके हैं, जिसका उन्हें मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों को समझाने के लिये आरवीएनएल के अधिकारी और प्रशासन की टीम भी पहुंची, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर डटे हुए हैं।
आज ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर नरकोटा से खांखरा के बीच दो किमी लंबी मेन टनल का फास्ट ब्रेक थू्र होना था। फास्ट ब्रेक थू्र को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई थी, लेकिन ग्रामीणों ने सुबह से ही टनल के मुख्य गेट पर पहुंचकर विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कार्य को रोकते हुए टनल के गेट पर ही धरना देना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि टनल निर्माण के लिए होने वाले विस्फोट के कारण उनके मकान क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। जगह-जगह पैदल रास्ते ध्वस्त हो गये हैं। कई बार प्रशासन और आरवीएनएल के अधिकारियों को समस्या से अवगत करा दिया गया है, लेकिन आज तक उन्हे सिर्फ कोरे आश्वासन मिले हैं। इसके अलावा कोई कार्यवाही नहीं हुई है। ग्रामीण क्षतिग्रस्त घरों में रह रहे हैं। कभी भी उनके मकान ध्वस्त हो सकते हैं।

ग्रामीण महिलाओं ने टनल के गेट पर धरना देते हुये कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती हैं, तब तक उनका धरना जारी रहेगा और रेल लाइन का कार्य नहीं होने दिया जायेगा। अब वह आश्वासन से नहीं मानने वाले हैं।
मौके पर ग्रामीणों से वार्ता करने पहुंची रुद्रप्रयाग तहसीलदार मंजू राजपूत ने कहा कि ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर रेलवे का कार्य रूकवाया है। ग्रामीणों और रेलवे के बीच वार्ता करने के प्रयास कराये जा रहे हैं, लेकिन वार्ता सफल नहीं हो पा रही है।













श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष नरेश भट्ट ने कहा कि भाजपा सरकार में पत्रकारों को धमकाने जैसे कुकृत्य किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने सीएम से कहा कि चारधाम यात्रा करोड़ों हिन्दुओं की आस्था का केन्द्र है और बद्री-केदार मंदिर समिति में इस प्रकार गलत तरीके से अपने भाई का प्रमोशन करना और नियम विरूद्ध स्थानान्तरण करने से उन कर्मचारियों को आहत करने का काम किया गया है, जो वर्षो से सच्ची निष्ठा के साथ मंदिर समिति में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले में शीघ्रता से कार्यवाही नहीं की गई तो विभिन्न संगठनों से जुड़े पत्रकार आंदोलन के लिए बाध्य हो जायेंगे।












