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Monday, July 6, 2026
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हरिद्वार के दो लोगों से रुद्रप्रयाग पुलिस ने पकड़ी 4.71 ग्राम स्मैक ।

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रुद्रप्रयाग। पुलिस की एसओजी की टीम ने 4.71 ग्राम स्मैक के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम में मामला दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।

हरिद्वार के दो लोगों से पुलिस ने पकड़ी 4.71 ग्राम स्मैक

ड्रग्स फ्री देवभूमि के सपने को साकार करने के उद्देश्य से जनपद को नशा मुक्त कराने को लेकर पुलिस लगातार चेकिंग अभियान चला रही है। ताकि जनपद में बढ़ते नशे पर अंकुश लगाया जा सके। इसी कड़ी में जनपद की एसओजी की टीम ने चेकिंग के दौरान मोटर साइकिल पर सवार तालिम निवासी चानचक, सिकंदरपुर, भैसवाल, थाना भगवानपुर, जिला हरिद्वार एवं नदीम निवासी ग्राम बढेड़ी, बुजुर्ग, थाना भगवानपुर, जिला हरिद्वार से क्रमशः 3.18 ग्राम व 1.53 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। इन दोनों के विरुद्ध कोतवाली रुद्रप्रयाग पर एनडीपीएस अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक कार्यवाही की गई। वहीं नशा तस्करों के विरुद्ध जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस की कार्यवाही निरन्तर जारी है।

उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार की चर्चा तेज, बीजेपी कार्यकर्ताओं को भी जल्द मिलेगी सौगात

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भाजपा के100 पदाधिकारियों को दो दिन बाद मिलने जा रही है दायित्वों की बड़ी सौगात।

उत्तराखंड में काफी लंबे समय से कैबिनेट के चार पद खाली चल रहे हैं तो वहीं 70 से ज्यादा दायित्व खाली पड़े हैं… जिन्हें भरने के लिए भारतीय जनता पार्टी के संगठन और सरकार के बीच काफी लंबी बातचीत चल रही है .. अब जाकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इशारा दिया है कि जल्द ही दायित्व बांटे जा सकते हैं जिसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनकी वार्ता पूर्ण हो चुकी है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि दायित्व को लेकर पार्टी में चर्चा हो चुकी है और अब जल्द ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से दायित्व का बंटवारा किया जा सकता है

 

प्रांतीय पुलिस सेवा (पीपीएस) एसोसिएशन, उत्तराखण्ड के प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर कैडर विस्तार करने पर जताया आभार ।

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पीपीएस संगठन ने कैडर विस्तार पर जताया मुख्यमंत्री जी का आभार,

केंद्रीय पुलिस बलों से राज्य पुलिस बल में प्रतिनियुक्ति पर जताया विरोध।’

प्रांतीय पुलिस सेवा (पीपीएस) एसोसिएशन, उत्तराखण्ड के प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी से भेंट की गयी।

राज्य गठन के बाद पिछले दो दशकों में पहली बार पीपीएस काडर का रिवीजन करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए पुष्पगुच्छ भेंट किया गया।

संगठन द्वारा प्रतिनियुक्ति पर आ रहे एवं आने की प्रक्रिया में सक्रिय केंद्रीय पुलिस बलों के अधिकारियों के उत्तराखंड पुलिस में तैनाती पर आपत्ति प्रकट करते हुए माननीय मुख्यमंत्री को इस संबंध में एक ज्ञापन दिया गया।

प्रतिनिधि मंडल द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि लगभग सभी प्रमुख केंद्रीय पुलिस बलों के उत्तराखंड में कार्यालय, प्रशिक्षण संस्थान या वाहिनी स्थापित हैं और व्यक्तिगत कारणों से उत्तराखंड में आने के इच्छुक केंद्रीय पुलिस बलों के अधिकारी कार्मिकों के पास इन संस्थानों में तैनाती का विकल्प उपलब्ध है।

राज्य पुलिस बल की सेवा नियमावली में प्रतिनियुक्ति पर आने का कोई प्रावधान नहीं है।

मुख्यमंत्री द्वारा इस प्रकरण के संबंध में संगठन के प्रतिनिधि मंडल से पूरी जानकारी प्राप्त की गई एवं इस प्रकरण का परीक्षण कराने हेतु आश्वासन दिया गया।

इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष सुरजीत सिंह पँवार, प्रकाश चंद्र, प्रमोद कुमार, डॉ जगदीश चंद्र (सभी अपर पुलिस अधीक्षक); शांतनु पाराशर, विवेक कुमार, अंकुश मिश्रा, आशीष भारद्वाज एवं कमलेश पंत (सभी पुलिस उपाधीक्षक) शामिल रहे।

पीपीएस के संरक्षक देवेंद्र पींचा द्वारा भी मुख्यमंत्री से इस भेंट में शिरकत की गई।

इससे पूर्व पीपीएस एसोसिएशन 15 सितंबर 2023 को पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार से भी भेंट कर उनसे भी केंद्रीय पुलिस बलों से उत्तराखंड पुलिस में बड़ी संख्या में प्रतिनियुक्ति के प्रस्तावों पर आपत्ति प्रकट कर चुका है।

पौड़ी पाबौ में अल्टो कार हुई दुर्घटना ग्रस्त,एक कि हुई मौत,अन्य लोगो की तलाश जारी। 

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पौड़ी जिले के पाबौ ब्लॉक से एक दुखद घटना सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक आज शाम कोटद्वार-पाबौ मार्ग में माउंट कार्मल स्कूल के समीप एक ऑटो कर 300 मीटर खाई में जाकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जिसकी सूचना चौकी पाबौ को दी गई। जिसके बाद चौकी प्रभारी पाबौ दीपक पुलिस बल के साथ मौके पर रेस्क्यू करने के लिए पहुंचे,इसके साथ ही पौड़ी से फायर की टीम व SDRF की टीम भी राहत व बचाव उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची व गहरी खाई में राहत बचाव अभियान शुरू किया गया। इस दौरान रेस्क्यू टीम द्वारा गाड़ी में मौजूद देव गोसाई का शव निकाल लिया गया। इसके साथ ही अन्य घायलों की खोज के लिए लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक अल्टो कार में 4 से 5 लोग सवार थे जिनमें से एक का शव रेस्क्यू टीम द्वारा बरामद कर लिया गया है व अन्य घायलों की तलाश लगातार जारी है।

सोनप्रयाग की पार्किंग एक बार फिर से चर्चाओं में,संचालक जीके इंटरप्राइजेज के द्वारा GST के नाम पर लिया जा रहा है अतिरिक्त शुल्क।

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केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए देश विदेश से आने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए उत्तराखण्ड सरकार के द्वारा कार पार्किंग के लिए सोनप्रयाग में एक हजार से अधिक वाहन क्षमता की पार्किंग बना रखी है पार्किंग जिलापंचायत रुद्रप्रयाग के अधीन संचालित होती है ।
जिलापंचायत रुद्रप्रयाग के द्वार प्रति वर्ष टेंडर प्रकिया के तहत फर्म द्वारा इस पार्किंग का ठेका किया जाता है जो कि वर्ष 2022 के एवज में इस साल 2023 में जीके इंटरप्राइजेज द्वारा उच्चे दामों पर निविदा प्राप्त की।इसी का फायदा उठाते हुए सोनप्रयाग पार्किंग फर्म द्वारा GST के नाम पर खुले आम कार पार्किंग पर ओवर रेट लिया जा रहा है । जिसकी शिकायते आये दिन जिला प्रशासन को मिल रही है।लेकिन जिसके अधीन फर्म को निविदाएं प्राप्त हुई हैवह विभाग खामोश बैठा हुआ है जिससे आये दिन लोगो की जेबो पर पार्किंग संचालक डाका डाल रहा है।लोगो द्वारा की जा रही शिकायतों को देखते हुए
जिलाधिकारी डाॅ सौरभ गहरवार ने सोनप्रयाग पार्किंग में ओवर रेटिंग के आरोपों की होगी जांच निर्देश दिये।पार्किंग संचालक जीके इंटरप्राइजेज पर लगे ओवर रेटिंग के आरोप। सोनप्रयाग :जिला प्रशासन को सोनप्रयाग जीके इंटरप्राइजेज द्वारा संचालित पार्किंग में ओवर रेटिंग करते हुए अतिरिक्त शुल्क वसूले जाने की शिकायत प्राप्त हुई है। जिसका जिलाधिकारी डाॅ सौरभ गहरवार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित फर्म की जांच के निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत पूरे मामले की जांच करेंगे। यदि जांच में संबंधित पार्किंग संचालक द्वारा अतिरिक्त धनराशि की वसूली करने की बात पुष्टि होती है तो संचालन शुरू होने से वर्तमान तक जो भी ओवर रेटिंग की गई है, उस धनराशि की वसूली संबंधित पार्किंग संचालक से की जाएगी। यदि उनके द्वारा उक्त धनराशि समय पर जमा नहीं किया जाता है तो आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चत करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन यात्रियों को जायज दाम एवं तय मानकों पर सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है, इसमें अगर किसी स्तर पर लापरवाही बरती जाएगी तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। केदारनाथ धाम यात्रा के महत्पवूर्ण पड़ाव सोनप्रयाग में यात्रियों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन की ओर से तैयार वाहन पार्किंग संचालक पर ओवर रेटिंग के आरोप लगे हैं। प्रशासन को मिली शिकायत के अनुसार प्रशासन की ओर से तय मानक एवं दामों से ज्यादा वसूली की जा रही है। सोनप्रयाग स्थिति पार्किंग जिला पंचायत रूद्रप्रयाग के अधीन है, इसके लिए प्रतिवर्ष यात्रा के दौरान टेंडर के माध्यम से पार्किंग संचालन का मौका बाह्य कंपनी को दिया जाता है। इस वर्ष जीके इंटरप्राइजेज को यह काम मिला है। जिला पंचायत रूद्रप्रयाग द्वारा निर्धारित शुल्क जीएसटी सहित लिया जाना तय है, जो 12 घंटे अथवा पार्ट टाइम हेतु अधिकतम तय किया गया है। जिसमें लोडर वाहनों जिसमें चार टायर से अधिक वाले वाहन शामिल हैं, उनके लिए 200 रुपये, बस एवं ट्रक हेतु 150 रुपये, ट्रैक्टर, ट्रॉली एवं टैंकर हेतु 120 रुपये, कार एवं जीप हेतु 100 रूपये, स्कूटर, मोटर साइकिल आदि दुपहिया के लिए 50 रुपये और साइकिल के लिए 20 रुपये प्रति वाहन प्रति 12 घंटे का रेट तय है। शिकायत के अनुसार जीएसटी के नाम पर पार्किंग संचालक द्वारा अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने अवगत करवाया है कि पार्किंग में ओवर रेटिंग की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने इस पर तुरंत जांच के आदेश दिए हैं।

डेयरी व्यवसाय अपना कर आप भी बन सकते हो आत्मनिर्भर।

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नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनसीडीसी) योजना के तहत किसानों को डेयरी व्यवसाय से जोड़ रहा डेयरी विकास विभाग
-जनपद में करीब 25 हजार लीटर दूध की खपत है प्रतिदिन*
15 हजार लीटर प्रतिदिन होता है जिले में उत्पादन
आधुनिक तकनीक एवं उपकरणों की जानकारी और ट्रेनिंग भी दी जा रही
-जिला प्रशासन एवं दुग्ध विकास विभाग के सहयोग एवं मार्गदर्शन में हर वर्ष नए किसान अपना रहे डेयरी का व्यवसाय।

रुद्रप्रयाग : जनपद में लगातार दुग्ध उत्पादन में इजाफा हो रहा है। डेयरी उत्पादों की बढ़ती मांग के चलते पारंपरिक किसानों ने तो तरक्की की ही वहीं जिले में कई नए डेयरी व्यवसाय भी स्थापित हो रहे हैं। जिला प्रशासन एवं दुग्ध विकास विभाग के सहयोग एवं मार्गदर्शन में रूद्रप्रयाग के तीनों विकास खंडों में प्रतिवर्ष नए किसान दुग्ध विकास विभाग के जरिए दुधारू पशुओं की खरीद कर अपनी आजीविका में सुधार ला रहे हैं। नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनसीडीसी) योजना के तहत डेयरी विकास विभाग किसानों को डेयरी व्यवसाय से जोड़ रहा है। विभाग की ओर से किसानों को आधुनिक तकनीक एवं उपकरणों की जानकारी और ट्रेनिंग भी दी जा रही है। वहीं दुधारू मवेशियों की खरीद के लिए आसानी से लोन उपलब्ध कराने के साथ ही पशुओं की खरीद में पूरी मदद भी की जा रही है। वहीं विभाग समय-समय पर किसानों को डेयरी से जुड़े प्रशिक्षण भी दे रहा है जिससे कि किसान वैज्ञानिक विधि से पशुओं की देखभाल कर सकें। मौजूदा समय में जिले में विभिन्न महिला समूह एवं किसान मिलकर प्रतिदिन 15 हजार लीटर से ज्यादा दूध उत्पादन कर बेच रहे हैं। ऐसे ही कुछ सफल किसनों की कहानी हम आज आपसे साझा कर रहे हैं।

*रोजाना करीब 200 लीटर दूध उत्पादन कर रहे संदीप*

अगस्तयमुनि ब्लाॅक के हाट गांव के संदीप गोस्वामी पिछले पांच सालों से दुग्ध व्यवसाय में हैं। संदीप ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद स्वरोजगार को अपने करियर के तौर पर अपनाया। उन्होंने कई व्यवसायों में हाथ आजमाने के बाद दुग्ध उत्पादन को ही प्राथमिकता देना तय किया एवं दुग्ध विकास विभाग से संपर्क कर सभी योजनाओं की जानकारी ली। विभाग ने उन्हें योजनाओं की जानकारी देते हुए मवेशी खरीद एवं गौशाला निर्माण में उनकी मदद की। जहां उन्होंने शुरूआत में दो गाय से अपना काम शुरू किया था आज उनके पास 14 मवेशी हैं जिनमें उच्च नस्ल की गायें शामिल हैं जो दिन में 25 से 30 लीटर दूध देती हैं। संदीप प्रति महीने करीब 8500 लीटर दुग्ध उत्पादन कर तीन लाख रूपये से ज्यादा की कमाई कर रहे हैं। वहीं संदीप ने अपने व्यवसाय के जरिए 10 लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है।


*संघर्ष के बूते गीता देवी ने पायी सफलता*

जीवन में कुछ करने का ज़ज्बा हो और हौसले बुलंद हों तो कुछ भी असंभव नहीं, इसकी एक उदाहरण गीता देवी भी हैं। हाट गांव निवासी गीता देवी बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति नाजुक थी ऐसे में उन्होंने परिवार के भरण पोषण के लिए दुग्ध व्यावसाय का रास्ता चुना। संदीप गोस्वामी ने भी उनकी मदद कर उन्हें दुग्ध विकास विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए व्यावसाय स्थापित करने में मदद की। शुरुआत में उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ा लेकिन समय के साथ काम की बारीकियों को समझते हुए उन्होंने संघर्ष जारी रखा। वर्तमान समय में गीता देवी के पास सात मवेशी हैं एवं वो महीने में करीब 3500 लीटर दूध का उत्पादन कर बेच रही हैं। गीता ने बताया कि महीने में डेढ़ लाख से ज्यादा की कमाई डेयरी उत्पाद बेचने से ही हो रही है। उन्होंने अपने साथ चार और लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है।

*अजय कपरवाण को डेयरी से मिली स्वरोजगार की राह*

कोरोना काल में रोजगार छिन जाने के बाद ग्वाड- पुनाड़ निवासी अजय कपरवाण लंबे समय तक बेरोजगारी से जूझते रहे। इसी बीच उन्हें दुग्ध विकास विभाग की एनसीडीसी योजना की जानकारी प्राप्त हुई, इसके बाद उन्होंने विभाग में संपर्क कर योजना की पूर्ण जानकारी जुटाई। उन्होंने विभाग के मार्गदर्शन में पांच मवेशी खरीद कर अपना व्यवसाय स्थापित किया। पहले महीने से ही दूध का उत्पादन अच्छा होने लगा और डेयरी विभाग ने ही करीब 60 लीटर दूध उनसे खरीदना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने तीन और गाय खरीद कर अपने व्यापार का विस्तार किया। वर्तमान समय में उनके पास आठ गाय हैं जिनसे करीब 3500 लीटर दूध प्रतिमाह उत्पादन कर वो बेच रहे हैं एवं डेढ़ लाख से ज्यादा की कमाई कर रहे हैं। अजय अपने अलावा छह और लोगों को रोजगार उपलब्ध करवा रहे हैं।

महिला आरक्षण बिल क्या है और कब से होगा लागू,सामान्य,ओबीसी,एससी, एसटी श्रेणी के हिस्से कितनी सीटे आरक्षित होगी महिलाओं के लिए ?

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नई दिल्ली: संसद और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाला बिल लोकसभा में पेश हो गया है. इस बिल को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ नाम दिया गया है.

महिला आरक्षण बिल 27 साल से अटका पड़ा था. 1996 में एचडी देवेगौड़ा की सरकार में इस बिल को पहली बार लाया गया था. साल 2010 में ये बिल यूपीए सरकार में राज्यसभा से पास भी हो गया था, लेकिन लोकसभा में इसे पेश नहीं किया गया.


अब इस बिल को फिर संसद में लाया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिल को सर्वसम्मति से पास कराने का अनुरोध किया है. इस बिल पर बुधवार को लोकसभा में इस पर चर्चा हुईं यहां से बिल पास कराने में सरकार को कोई मुश्किल नहीं हुई।. लोकसभा से पास होने के बाद बिल को राज्यसभा में पेश किया जाएगा.

 

इस बिल में क्या-क्या प्रावधान हैं? बिल कब से लागू होगा? अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं के लिए क्या व्यवस्था है? बिल के कानून बनने से क्या बदलेगा? जानते हैं

बिल क्या है?
ये बिल लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देता है. बिल के कानून बनने से लोकसभा और विधानसभाओं की एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व हो जाएंगी.

कितनी सीटें महिलाओं के लिए होंगी?
33%. यानी लोकसभा में अभी 543 सीटें हैं. इनमें से 181 सीटें महिलाओं के लिए होंगी. इसी तरह विधानसभाओं में जितनी सीटें होंगी, उसकी 33% सीटें रिजर्व रहेंगी. उदाहरण के लिए- दिल्ली विधानसभा में 70 सीटें हैं. उसकी 23 सीटें महिलाओं के लिए रहेंगी.

सभी राज्यों की विधानसभाओं में रहेंगी सीटें?
हां. बिल को सिर्फ संसद से पास कराने की जरूरत है. बिल कानून बनता है तो सभी राज्यों में भी लागू होगा. इसके लिए राज्यों की मंजूरी जरूरी नहीं है. इसलिए देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण मिलेगा.

राज्यसभा में भी होगा ऐसा?
नहीं. महिलाओं को आरक्षण सिर्फ लोकसभा और विधानसभाओं में मिलेगा. राज्यसभा और विधान परिषद में महिलाओं को आरक्षण नहीं मिलेगा.

एससी-एसटी महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण है?
नहीं. एससी-एसटी महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण नहीं है. उन्हें आरक्षण के अंदर ही आरक्षण मिलेगा. यानी, लोकसभा और विधानसभाओं में जितनी सीटें एससी-एसटी वर्ग के लिए आरक्षित हैं, उन्हीं में से 33% सीटें महिलाओं के लिए होंगी.

कितनी सीटें होगी एससी-एसटी महिलाओं के लिए?
इस समय लोकसभा में 84 सीटें एससी और 47 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं. बिल के कानून बनने के बाद 84 एससी सीटों में से 28 सीटें एससी महिलाओं के लिए रिजर्व होंगी. इसी तरह 47 एसटी सीटों में से 16 एसटी महिलाओं के लिए होंगी.

ओबीसी महिलाओं के लिए?
लोकसभा में ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण की व्यवस्था नहीं है. एससी-एसटी की आरक्षित सीटों को हटा देने के बाद लोकसभा में 412 सीटें बचती हैं. इन सीटों पर ही सामान्य के साथ-साथ ओबीसी के उम्मीदवार भी लड़ते हैं. इस हिसाब से 137 सीटें सामान्य और ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए होंगी.

कब से लागू होगा ये बिल?
इसके लागू होने में लंबा वक्त लग सकता है. बताया जा रहा है कि जनगणना के जब परिसीमन होगा, तब ये कानून लागू होगा. यानी, 2024 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं के लिए आरक्षण नहीं होगा.

परिसीमन कब होगा?
जब तक जनगणना नहीं हो जाती, तब तक परिसीमन नहीं होगा. अभी 2021 की जनगणना नहीं हुई है. 2024 के चुनाव के बाद ही जनगणना होने की संभावना है. संविधान के तहत, 2026 तक परिसीमन पर रोक लगी है. अब जब 2021 की जनगणना होगी, उसके बाद ही लोकसभा सीटों का परिसीमन होगा. हो सकता है कि 2029 या फिर 2034 के लोकसभा चुनाव में महिला आरक्षण का फायदा मिले.

राज्यों की मंजूरी लेनी होगी क्या?
संविधान का अनुच्छेद-368 कहता है कि अगर केंद्र सरकार के कानून से राज्यों के अधिकारों पर कोई प्रभाव पड़ता है तो ऐसे मामलों में कानून बनने के लिए कम से कम 50% विधानसभाओं की मंजूरी लेनी होगी. यानी कि अगर केंद्र सरकार को ये कानून देशभर में लागू करना है तो इसे कम से कम 15 राज्यों की विधानसभाओं से भी पास कराना होगा. हालांकि, कुछ सूत्रों का कहना है कि इसकी जरूरत नहीं होगी.

जिला सहकारी बैंकों में चतुर्थ श्रेणी के पदों (चौकीदार व गार्ड) पर भर्ती मामले में सरकार ले सकती है जल्द निर्णय ।,

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जिला सहकारी बैंकों में चतुर्थ श्रेणी के पदों (चौकीदार व गार्ड) पर भर्ती मामले में सरकार जल्द ही निर्णय लेगी।प्रकरण की जांच में देहरादून, ऊधम सिंह नगर व पिथौरागढ़ जिलों में गड़बड़ी की पुष्टि हुई थीअब शासन से संस्तुति के साथ यह जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को मिली।तीन जिलों में पूर्व में जिन 150 से ज्यादा अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र थमाए गए थे, उनकी भर्ती रद हो सकती है।जिला सहकारी बैंकों में चतुर्थ श्रेणी के 400 से अधिक पदों पर नियुक्ति देने का पूर्व में निर्णय लिया गया था,।

इस बीच हरिद्वार जिले में नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी की बात सामने आने पर वहां यह प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी, जबकि अन्य जिलों में जारी थी।पिछले वर्ष यह बात सामने आई कि देहरादून, ऊधम सिंह नगर व पिथौरागढ़ जिलों में भी नियमों की अनदेखी कर चहेतों को नियुक्तियां देने की तैयारी हो रही है।,150 से ज्यादा अभ्यर्थियों को चयनित कर उन्हें नियुक्ति पत्र भी थमा दिए गए थेइस संबंध में हुई शिकायतों के बाद सरकार ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को स्थगित करते हुए तीनों जिलों में जांच कराईप्रकरण की गहन जांच के बाद जांच अधिकारी ने शासन को रिपोर्ट सौंपीहैं।तीनों जिलों में नियुक्ति के लिए तय मानकों की अनदेखी करने के साथ ही धांधली की पुष्टि हुई थी।

रिपोर्ट में संबंधित जिला सहकारी बैंकों की चयन समिति का पक्ष न होने पर इसे जांच अधिकारी को लौटाया गया

जांच अधिकारी ने चयन समितियों का पक्ष लेकर समग्र रिपोर्ट शासन को सौंपी

सचिव स्तर से यह रिपोर्ट उच्च स्तर पर सौंपी गई, जहां से इसे मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया गया

सूत्रों के अनुसार अब इस रिपोर्ट पर कार्यवाही के संबंध में बड़ा निर्णय लेने की तैयारी है

इसके तहत पूर्व में जिन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे, उन्हें रद किया जा सकता है

साथ ही संबंधित बैंकों की चयन समिति के संबंध में सरकार निर्णय ले सकती है।

उत्तराखण्ड में लोक निर्माण विभाग में एक बार फिर बम्पर तबादले ।

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देहरादून:उत्तराखण्ड में लोक निर्माण विभाग में एक बार फिर बम्पर तबादले किए गए कहि अधिशासी अभियंता पुराने जनपदों में फिर से रिपीट।

दुःखद खबर: हरकीदून क्षेत्र के रुविंसरा ट्रेक पर 62 वर्षीय बंगाली ट्रैकर मौत।

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उत्तरकाशी :गोविंद वन्य जीव विहार में पड़ने वाले बालीपास रूईन सारा ट्रैक पर निकले बंगाल के एक ट्रैकर की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस/प्रशासन की टीम मृतक का शव मोरी लाए। शव का नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों द्वारा पोस्टमार्टम कर दल के अन्य सदस्यों को सौंप दिया गया है।

थानाध्यक्ष मोरी मोहन सिंह कठैत ने बताया कि शनिवार को पश्चिम बंगाल के आठ लोगों का एक दल सांकरी पहुंचा था। सोमवार को बालिपास रूईन सारा ट्रैक पर निकले पश्चिम बंगाल के दल के एक बुजुर्ग ट्रैकर समीर चंद्रसेन (62) पुत्र सुधीर चंद्रसेन गुप्ता की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन/पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतक ट्रैकर का शव मोरी लाया, उसके बाद नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम करने के बाद दल के सदस्यों के सुपुर्द कर दिया है।