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Monday, July 6, 2026
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उत्तराखण्ड में उद्यान विभाग का बड़ा खेल, बीजू पौधे की खरीद हुई कश्मीर से- कैसे बन पाएगा आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड ?

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दो रुपये के बीजू पौधे को उद्यान विभाग कश्मीर से खरीद रहा है 15 रुपये में।

सूचना के अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत मांगी गई सूचना के आधार पर कुछ बिलों की प्रमाणित प्रतियां ।

कल्मी पौधे तैयार करने में रूट स्टाक या मूलवृन्त हेतु बीजू पौधों की आवश्यकता होती है। व्यवसायिक फलों के पेड़ों में आम तौर पर दो भाग होते हैं – SCION (फूल या फलने वाला भाग) जो जमीन के ऊपर पेड़ का अधिकांश भाग बनाता है और मूल वृन्त या रूटस्टॉक जिसमें जड़ें और तने का निचला भाग होता है इसलिए रूटस्टॉक ग्राफ्टेड पौधे का आधार और जड़ भाग है।

यह भी पढ़े- उद्यान विभाग ने रचा इतिहास ?? एक ही दिन में कागजों में औपचारिकताएं पूरी दिखा कर निर्गत कर दिया फल पौधशाला स्वामी का लाइसेंस।

सेब आड़ू प्लम खुवानी आदि पौधों के कल्मी पौधे तैयार करने हेतु पहले स्थानीय कृषकों से इनके बीज एकत्रित कर राजकीय पौधालयों एवं व्यक्तिगत पौधाशालाऔ में बुवाई कर बीजू पौधे तैयार किए जाते थे। इस प्रकार स्थानीय लोगों को कुछ रोजगार भी मिलता था साथ ही स्थानीय बीजू पौधों से तैयार अधिकतर कल्मी पौधे स्वस्थ व रोग रहित होते थे।

दो रुपये के बीजू पौधे को उद्यान विभाग कश्मीर से खरीद रहा है 15 रुपये में।

एक किलो सेव के बीज की कीमत 7000 से 8000 रुपए तक होती है जिसमें25 – 28 हजार तक बीज होते हैं। गोल्डन सेब के बीज रूट स्टाक हेतु उपयुक्त होते हैं। सेव के एक दाने में लगभग 8 बीज मिल जाते हैं। परिपक्व फलों से हाथ से निकाले गये बीजों में 90% तक जमाव हो जाता है। इस प्रकार एक कीलो सेब बीज बोने पर 15 से 20 हजार बीजू पौधे तैयार हो जाते हैं। इन पौधों को तैयार करने में खेत की तय्यारी, बीज की कीमत, बुवाई,निराई गुड़ाई सिंचाई आदि पर कुल खर्चा 25-30 हजार का आता है इस प्रकार एक पौधे की कुल लागत अधिक से अधिक अधिक दो रुपये प्रति पौध आती है।

उद्यान विभाग द्वारा सुनियोजित ढंग से राजकीय पौधालयों में सेब बीजू पौधे उगाने बन्द कर दिए गये साथ ही विभाग द्वारा राज्य के पौधशाला स्वामियों से सेब बीजू पौधे उठाने बन्द कर उन्हें हतोत्साहित किया गया।कमिशन के चक्कर में दो रुपये लागत के सेब बीजू पौधे की दर पहले दस रुपये और फिर पन्द्रह रुपए कर लाखों रुपए के बीजू पौधे काश्मीर से खरीदे गये।वाहर से लाये गये इन पौधों से कई तरह की बीमारियों व विषाणु रोग आने की संभावनाएं भी बढ़ गई है।

कश्मीर से सेव व अन्य फलों के बीजू पौधे खरीदने का खेल विगत कई वर्षों से चल रहा है।

2021 – 22 एवं 2022 – 23 में बड़ी हुई कीमतों पर कश्मीर की व्यक्ति पंजीकृत नर्सरी से विभिन्न जनपदों में मुख्य उद्यान अधिकारियों द्वारा क्रय किए गए सेव, खुबानी व अखरोट के बीजू पौधे-

मुख्य उद्यान अधिकारी उत्तरकाशी –

1.सेव बीजू एक लाख @ 14.80 कुल धनराशि Rs चौदह लाख अस्सी हज़ार।

2.अखरोट बीजू बीस हजार @ 30 कुल धनराशि छ लाख रुपए मात्र।

3.सेव साइनउड पच्चीस हजार चार सौ@ 30/40/50/80 कुल धनराशि वारह लाख चार हजार।

4.सेव साइनउड बारह हजार@30/40/50/

80 कुल धनराशि चार लाख पच्चानब्वे हजार।

5.अखरोट साइनउड बीस हजार@ 15 कुल धनराशि तीन लाख।

6 कश्मीर के मजदूरों से ग्राफ्टिंग कार्य एक लाख बीस हजार पौधों पर @ 4/6 कुल धनराशि पांच लाख बीस हजार।

मुख्य उद्यान अधिकारी चमोली-

1. सेव बीजू पच्चास हजार @14.80 कुल धनराशि सात लाख चालीस हजार।

2.सेव साइन उड दस हजार @15 Rs. कुल धनराशि एक लाख पचास हजार।

मुख्य उद्यान अधिकारी रुद्रप्रयाग-

1. सेव सीडलिंग दस हजार @14.80 कुल धनराशि एक लाख अडतालीस हजार।

2. सेव साइन उड पांच हजार @30/40/50/

80 कुल धनराशि दो लाख पच्चहतर हजार।

3.अखरोट सीडलिंग पांच हजार @ 35 कुल धनराशि एक लाख पच्चहतर हजार।

4.अखरोट साइन उड छः हजार @ 20 Rs. कुल धनराशि एक लाख बीस हजार।

उद्यान विशेषज्ञ कोटद्वार –

1.सेव बीजू पन्द्रह हजार @ 14.80 कुल धनराशि दो लाख बाइस हजार।

2. कश्मीर मजदूरों से बंधवाये गये ग्राफ्ट – उन्नीस हजार कुल धनराशि एक लाख अड़तीस हजार।

बर्ष 2022-23 में मुख्य उद्यान अधिकारी नैनीताल द्वारा कश्मीर से मंगाये गये बीजू पौधे –

1.खुबानी बीजू पच्चीस हजार @14.10 कुल धनराशि तीन लाख बावन हजार।

2.सेब बीजू पच्चास हजार @14.80 कुल धनराशि छ लाख पच्चीस हजार।

अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चम्पावत, बागेश्वर , टेहरी, देहरादून, पौड़ी जनपदों में भी इसी प्रकार कश्मीर की व्यक्तिगत नर्सरी से सेव व अन्य के बीजू पौधे मंगाये गये है।

जनपद उत्तरकाशी में कश्मीर के मजदूरों से एक लाख सेव व बीस हजार अखरोट में कराये गये ग्राफ्टिंग में जीविता प्रतिशत, अखरोट में शून्य एवं सेव में भी मात्र 54 से 56 % ही रही यही हाल सभी जनपदों के है।

नियमों को दरकिनार कर जिस तेजी से दरें बढ़ाई गई, नर्सरियों को सूचिबद्ध किया गया आपूर्ति के आदेश निर्गत किए गए व बिलों का भुगतान किया गया इससे लगता है कि पौधों का आपूर्ति से पूर्व सत्यापन नहीं किया गया और न ही प्लान्ट क्वारेनटाइन नियमों का पालन किया गया जिससे उत्तराखंड में सेव में वीषाणु रोग आने की पूरी संभावना है।

ये तो बानगी भर है जिनकी जानकारी , सूचना के अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत उपलब्ध हो पाई यह खेल विगत कई वर्षों से उद्यान विभाग द्वारा खेला जा रहा है। विगत वर्षों से मंगाये गये इन बीजू पौधौ से कितने कलमी पौधै बने कोई पूछने वाला नहीं।

उत्तराखंड सरकार का तीन हजार पांच सौ से अधिक कर्मचारियों वाला उद्यान विभाग कर्मचारियों के वेतन पर लगभग 142 करोड़ रुपए (एक सौ बयालिस करोड़ रुपए) प्रति बर्ष खर्च करता है। विभाग द्वारा सेव तथा अखरोट के बीजू पौधे व साइन उड के साथ ही साथ ग्राफ्ट बांधाने हेतु मजदूर भी कश्मीर से बुलाना विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़े करता है।

माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने कहा कि 2025 तक उत्तराखंड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार प्रयासरत है। क्या इन कृत्यों के चलते बनेगा उत्तराखंड आत्मनिर्भर व 2025 तक अग्रणीय राज्य???

पुलिस महकमे 8 आईपीएस अधिकारियों के हुए तबादले ।

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8 आईपीएस अधिकारियों के हुए तबादले,

IPS नीलेश आनंद भरणे को आईजी कुंमाऊ से आईजी पी एंड एम,

IPS योगेंद्र रावत को डीआईजी अभिसूचना से डीआईजी कुंमाऊ की मिली जिमेदारी,

IPS दलीप कुंवर को डीआईजी अभिसूचना भेजा गया,

IPS प्रहलाद नारायण मीणा को SSP नैनीताल बनाया गया,

IPS अजय सिंह को हरिद्वार से देहरादून SSP की मिली जिमेदारी,

IPS पंकज भट्ट को नैनीताल एसएसपी से हटा कर सेनानायक 46वी वाहिनी पीएसी रुद्रपुर भेजा गया,

IPS प्रमेंद्र डोभाल को एस पी चमोली से हटाकर हरिद्वार का SSP बनाया गया,

iPS रेखा यादव को एस पी ट्रैफिक हरिद्वार से हटाकर एस पी चमोली बनाया गया,

चोपता दुगलबिठा में अतिक्रमण हटाने के विरोध में महिलाएं जेसीबी के ऊपर चढ़ गई।

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रुद्रप्रयाग। तुंगनाथ घाटी के विभिन्न यात्रा पड़ावों पर अतिक्रमण हटाने पहुंची तहसील, पुलिस प्रशासन व वन विभाग की टीम को बैरंग लौटना पड़ा! तुंगनाथ घाटी के विभिन्न यात्रा पड़ावों पर अतिक्रमण हटाने का व्यापारियों , महिलाओं व ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया जिस कारण तुंगनाथ घाटी के जनमानस में खासा आक्रोश है! इस दौरान व्यापारियों, महिलाओं ग्रामीणों व प्रशासन के बीच काफी नोकझोक भी हुई तथा महिलाओं ने जेसीबी मशीनों पर चढ़कर अतिक्रमण हटाने का कड़ा विरोध कर प्रदेश सरकार व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की! इस दौरान जेसीबी मशीनों को हल्का नुकसान भी हुआ है तथा विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों ने तुंगनाथ घाटी पहुँच कर प्रभावित व्यापारियों को अपना समर्थन दिया! दोपहर बाद उपजिलाधिकारी द्वारा तीन दिन का समय देने के बाद ही मामला शान्त हो पाया ! बता दे कि न्यायालय के आदेश पर बुधवार को तहसील प्रशासन, पुलिस प्रशासन व वन विभाग के अधिकारी मयफोर्स व जेसीबी मशीनों के साथ तुंगनाथ घाटी में अतिक्रमण हटाने के लिए मक्कूबैण्ड पहुंचे तो वहाँ पूर्व से मौजूद सैकड़ों व्यापारियों, ग्रामीण महिलाओं ने अतिक्रमण हटाने का पुरजोर विरोध किया तथा धरना देकर प्रदेश सरकार व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर अपने गुस्से का इजहार किया! व्यापारियों व ग्रामीणों का कहना था कि एक तरफ प्रदेश सरकार तीर्थाटन, पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने का ढिंढोरा पीट रही है दूसरी तरफ युगों से यात्रा पड़ावों पर व्यवसाय कर रहे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है! व्यापारियों व ग्रामीणों का कहना था कि स्थानीय व्यापारियों द्वारा बार – बार रोजगार व पर्यटन नीति बनाने की मांग की जा रही है मगर प्रदेश सरकार मौन बनी हुई है।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के प्रभावितों की समस्याओं को लेकर विधायक भरत सिंह चौधरी ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन।

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ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के प्रभावितों की समस्याओं को लेकर विधायक भरत सिंह चौधरी ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन।
प्रभावितों की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने लिया सयुंक्त जांच कमेटी बनाने का निर्णय।
” ऋषिकेश- कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के प्रभावित भूमिधरों व किसी भी अन्य प्रकार से प्रभावितों को मिले उनका वाजिब हक इसको लेकर रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी के द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर वार्ता की एक समस्याओं का को लेकर ज्ञापन दिया।इस मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुये गढ़वाल कमिश्नर, सचिव, जिलाधिकारी व सम्बन्धित क्षेत्र के विद्यायकों की एक संयुक्त जाँच कमेटी बनाने का लिया निर्णय लिया गया। संयुक्त जाँच कमेटी परियोजना प्रभावितों से वार्ता कर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री व केन्द्र सरकार को सौंपेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता में विधायक भरत सिंह चौधरी ने कहा कि रेलवे परियोजना का लगभग 60 से 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है लेकिन रेलवे निर्माण में कार्यरत कम्पनियों की हठधर्मिता के चलते अभी भी इस परियोजना से प्रभावित कई लोगों को उनके वाजिब हक नहीं मिले हैं।
विधायक भरत चौधरी ने कहा कि जितना जरूरी राष्ट्र हित में परियोजना का बनना है उतना ही जरूरी प्रभावितों को उनका हक मिलना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण एक्ट में जिन प्रावधानों को बहुत ही ब्यापक दृष्टि से रखा गया है,कम्पनियों द्वारा उनका अर्थ मात्र अपने हितों को ध्यान में रखकर प्रयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा कि टिहरी बाँध परियोजना में भी भले ही देर से सही लेकिन परियोजना बनने के बाद भी प्रभावितों को उनका वाजिब हक मिला है। इस अवसर पर विधायक घनसाली शक्तिलाल शाह, विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल उपस्थित रहे।

ग्रामीण क्षेत्रो में अवैध शराब की बिक्री करने वाले तीन संदिग्ध व्यक्तियों से आबकारी विभाग की छापेमारी में अवैध शराब की पेटियां हुई बरामद ।

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रुद्रप्रयाग / जनपद में अवैध शराब की बिक्री पर रोक को लेकर आबकारी विभाग द्वारा निरंतर सघन चैकिंग अभियान चलाया जा रहा है। चलाए गए सघन चैकिंग के दौरान तीन अलग-अलग व्यक्तियों से अवैध शराब बरामद की गई है जिसके बाद उनके विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।
जिला आबकारी अधिकारी दीपाली शाह ने जानकारी देते हुए अवगत कराया कि जिलाधिकारी के दिशा-निर्देशों के क्रम में आबकारी निरीक्षक लालू राम के नेतृत्व में चलाए गए सघन चैकिंग अभियान के दौरान नाग में स्थित एक संदिग्ध व्यक्ति के दुकान की तलाशी लेने पर उक्त संदिग्ध व्यक्ति (पुष्कर भंडारी पुत्र जगत सिंह) की दुकान से 26 अद्दे मैक डाॅवल व्हिस्की अंग्रेजी शराब तथा जखोली चौकी में स्थित संदिग्ध व्यक्ति (वासुदेव पुत्र राधे सिंह) की दुकान से 29 अद्दे सोलमेट व्हिस्की अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। इसी क्रम में त्यौला, ऊखीमठ में स्थित एक संदिग्ध व्यक्ति (धीरेंद्र सिंह पुत्र दौलत सिंह नेगी) के घर से 56 पव्वे मैक डाॅवल व्हिस्की अंग्रेजी शराब बरामद की गई है। उन्होंने बताया कि उक्त तीनों व्यक्तियों के विरुद्ध 60 आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।

बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पागलनाला पर होगा 90 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण होगा ।

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बदरीनाथ

बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई सालों से परेशानी का सबब बने पागलनाला में करीब 90 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण होगा

तीन साल में सुरंग बनकर तैयार हो जाएगी

इस सुरंग के अंदर से ही यात्रा के लिए वाहन गुजरेंगे

सुरंग भूमिगत होगी या ओपन, इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) डीपीआर तैयार कर रहा है

पागल नाला में वर्ष 1999 से लगातार भूस्खलन हो रहा है

पागल नाला में हाईवे पर टनों मलबा भर जाता है, जिससे स्थानीय लोगों के अलावा बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब की यात्रा पर पहुंच रहे तीर्थयात्रियों को होती है परेशानी

फूलों की घाटी व अन्य पर्यटन स्थलों पर आ रहे पर्यटकों को आवाजाही में दिक्कतों का करना पड़ता है सामना

पूर्व में बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) ने नाले में ह्यूम पाइप डालकर वाहनों की आवाजाही करवाई थी, लेकिन यह प्लानिंग फेल हो गई,

जवाड़ी बाईपास पुल से अज्ञात युवक ने लगाई नदी में छलांग।

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रुद्रप्रयाग : रुद्रप्रयाग मुख्यालय से सटे जवाड़ी बाईपास पुल से किसी अज्ञात व्यक्ति के पुल से छलांग लगाने की सूचना आस पास घूम रहे लोगो ने आपदा कंट्रोल रूम रुद्रप्रयाग दी।

आज सांयकाल सवा सात बजे के आस-पास एक युवक के जवाड़ी बाईपास स्थित मोटर पुल से अलकनन्दा नदी मे छलांग लगाने की सूचना पर मौके पर चौकी जवाड़ी से पुलिस बल मौके पर पहुंचा। इसी दौरान एसडीआरएफ एवं डीडीआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंची। उक्त युवक बीच नदी में न गिरकर नदी के कम पानी वाले हिस्से में गिरा, जिसके सिर सहित हाथ पैरों में गम्भीर चोटें आयी थी। रेस्क्यू हेतु गयी टीमों द्वारा उक्त को स्ट्रेचर की मदद से नदी किनारे से निकालकर पैदल मार्ग से होते हुए सड़क मार्ग तक लाने के बाद जिला चिकित्सालय लाया गया, डॉक्टरों द्वारा उक्त को मृत घोषित किया गया। पुलिस के स्तर से परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस के स्तर से पंचायतनामा की कार्यवाही की जा रही है। युवक ने किन कारणों से छलांग लगायी इसका पता नहीं चल पाया है।

मृतक का नाम – शिवम बुटोला पुत्र श्री बलवन्त सिंह बुटोला, निवासी बष्टा, अगस्त्यमुनि जिला रुद्रप्रयाग (उम्र 21 वर्ष लगभग)

 

 

चोपता वैली में तैयार होगा इको टूरिज्म जोन – इको टूरिज्म बोर्ड को वन विभाग ने भेजा प्रस्ताव।

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*चोपता वैली में तैयार होगा इको टूरिज्म जोन*
– *इको टूरिज्म बोर्ड को वन विभाग ने भेजा प्रस्ताव*
– *मुख्य सचिव के निर्देश के बाद विभाग ने की कवायद*
– *साढे तीन करोड की लागत से तैयार होगा टूरिज्म जोन*

मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से प्रसिद्ध रूद्रप्रयाग जिले की चोपता घाटी में इको टूरिज्म जोन तैयार होने जा रहा है। वन विभाग ने इसके लिए कवायद शुुरू कर दी है। विभाग ने इको टूरिज्म बोर्ड को साढे तीन करोड रूपये की लागत का प्रस्ताव भेजा है। बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद विभाग अग्रिम कार्रवाई शुुरू कर देगा।
प्रभागीय वनाधिकारी रुद्रप्रयाग अभिमन्यु ने बताया कि मुख्य सचिव ने सभी जिलों मेें इकोे टूरिज्म जोन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। वन विभाग द्वारा किए गए सर्वे के आधार पर चोपता घाटी को जिले में इसके लिए सबसे उपयुक्त स्थान माना गया है। चोपता में देश-विदेश से पर्यटक हर साल पहुंचते हैं। यहां दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर तुंगनाथ स्थित है जिसके दर्शनों को प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु यहां पहंुचते हैं। इसके अलावा विंटर टूरिज्म के लिए भी हजारों पर्यटक हर साल यहां आते हैं। यहां पर व्यवस्थित टूरिज्म जोन विकसित होने से राज्य सरकार एवं स्थानीय जनता दोनों को लाभ होगा। विभाग ने लैंडस्केप आर्किटेक की मदद से साढ़े तीन करोड़ की लागत की डीपीआर इको टूरिज्म बोर्ड एवं शासन को भेज दी है। स्वीकृति मिलने पर फेज-1 का कार्य 2023-24 व फेज-2 का कार्य 2024-25 में किया जाएगा।

*500 हैक्टेयर में तैयार होगा जोन*

चोपता इको-टूरिज्म जोन कुल 500.00 है0 क्षेत्रफल में तैयार होगा। जिसमें एनएच-107ए के आस-पास के रागसी, मक्कू और उषाडा आरक्षित वन के क्षेत्र को सम्मलित किया जाएगा। इसका मुख्य आकर्षण इको पार्क, ट्री हाउस, बर्ड-इण्टरप्रेटेशन सेंटर और कल्चरल व हेरिटेज सेंटर होंगे। इको-टूरिज्म विकास के समस्त कार्यों को इको-फ्रेंडली तरीके से प्रकृति को अनावश्यक छेड़छाड किए बिना तैयार किया जाएगा। एनएच-107ए के आस-पास फोटो प्वाइंट, साइनेज एवं एन्टेंªस प्लाजा और जानवरों के थ्री डी माॅडल भी स्थापित किए जाएंगे। उषाडा वन पंचायत के आरक्षित वन क्षेत्र में इको-पार्क विकसित किया जाएगा। इसमें इको-टेल, ट्री हाउस, एडवेंचर गतिविधियाँ व कैनोपी ब्रिज, फोटो प्वाइंट, साइनेजेज आदि विकसित किए जाएंगे जिससे पर्यटकों को प्रकृति के बीच सुखद समय व्यतीत करने का मौका मिले। बर्ड-इंटरप्रेटेशन सेंटर में क्षेत्र के स्थानीय पक्षियों के माॅडल व उनके संबंध में जानकारी तथा साथ ही दुर्लभ वन्यजीव व पक्षियों का विवरण व रोचक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। यहाँ बर्ड वाचिंग हेतु आये सैलानियों को बर्ड गाइड, दूरबीन, बर्ड बुक व पक्षियों से संबंधित सोवेनियर/मरकेन्डाइज की सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

*स्थानीय लोग करेंगे संचालन*जिले में तैयार होने जा रहे इको-टूरिज्म जोन का संचालन के संचालन में स्थानीय लोगों एवं वन पंचायत की अहम भूमिका होगी। इनकी मदद से ही कैम्पिंग साइट का संचालन, पार्किंग, एडवेंचर स्पोर्ट का संचालन, ट्रेकिंग, बर्ड वाचिंग गाइड, अपशिष्ट कूडा प्रबंधन आदि कार्य वन विभाग की देखरेख में किए जाएंगे। इको-टूरिज्म जोन में पर्यावरण संरक्षण एवं सुधार कार्य हेतु बुग्यालों को जियो जूट विधि से उपचार, जल एवं मृदा संरक्षण कार्य एवं सुरक्षा व संचालन हेतु इन्टेंन्स प्लाजा, चेकपोस्ट का निर्माण व अपशिष्ट प्रबंधन हेतु उचित व्यवस्था की जाएगी। स्थानीय लोगों व पर्यटकों की सुविधा के लिए बायो-टाॅयलेट, फूड कैफे, टूरिस्ट इन्फाॅरमेशन बूथ, सोवेनियर शाॅप भी विकसित किए जाएंगे। वहीं औषधीय एवं सगंध पादपों के संरक्षण हेतु हर्बल गार्डन की भी स्थापना की जाएगी। कल्चर एंड हेरिटेज सेंटर में पारंपरिक वेशभूषा, पुरातन औजार, क्षेत्र के हस्तकृति की झलक के साथ-साथ स्थानीय लोक कथा, धार्मिंक आस्था व आध्यात्मिक महत्व की जानकारी मिलेगी। कैम्प साइट हेतु चयनित क्षेत्र में ही परमिट के आधार पर स्थानीय ग्रामीणों को सर्शत अनुमति दी जाएगी।चिरबटिया एवं कार्तिक स्वामी सर्किल भी होगा तैयार*
डीफओ अभिमन्यु ने बताया कि जिले में टूरिज्म जोन की तर्ज पर चोपता घाटी के साथ ही चिरबटिया एवं कार्तिक स्वामी घिमतोली सर्किट को भी विकसित किया जाएगा। तीनों ही स्थान पर्यटन के लिहाज से बेहद क्षमता रखते हैं।

दिल्ली से चोपता घूमने आया युवा रुद्रप्रयाग संगम के पास नदी में डूबा।

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रुद्रप्रयाग। दिल्ली में G20 की बैठक होने से दिल्ली के सभी स्कूल व सरकारी प्राइवेट सेक्टर में तीन दिनों की छुट्टी होने से वंहा से लोग आजकल उत्तराखण्ड घूमने आए है। छुट्टियां होने से दो दिन पूर्व दिल्ली से चोपता घूमने आए दो दोस्तो में से आज एक रुद्रप्रयाग संगम के पास नदी में डूब गया। चोपता से आने के बाद दोनों आज दोपर के समय नहाने संगम पर निकल पड़े ।कुछ देर तक दोनों नहाने लगे लेकिन उनमें कशिश बहुगुणा का पांव पत्थर में फिसने से नदी के तेज बहाव में डूब गया।आस पास के लोगो द्वारा पुलिस व आपदा प्रबंधन टीम को फोन किया तो आपद प्रबन्धन टीम मौके पर पहुंचते ही रेस्क्यू व खोजबीन शुरू की लेकिन नदी का बहाव तेज होने के कारण मृत का कोई पता नही चल पा रहा है । आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्दन सिंह रजवार का कहना है की आज दोपहर में 3:00 बजे के लगभग दो दोस्त
कशिश बहुगुणा उम्र 24 वर्ष पुत्र राजेश बहुगुणा निवासी दिलशाद गार्डन नई दिल्ली
तथा सौरभ भंडारी पुत्र जसवंत भंडारी निवासी मयूर विहार फेस 3 नई दिल्लीदोनों दोस्त जो की मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले हैं ये दोनों वर्तमान में दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं आजकल दिल्ली में छुट्टियां होने से ये दिल्ली से चोपता घूमने आए थे आज चोपता से वापस दिल्ली जा रहे थे संगम के पास नहाते वक्त पैर फिसल कर कशिश बहुगुणा नदी में बह गया।नदी में खोजबीन व रेस्क्यू करने के बाद भी कही पता नही चल पा रहा ।कशिश बहुगुणा के नदी में डूबने की खबर उसके माता पिता दे दी गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कैबिनेट बैठक में 06 प्रस्तावों पर कैबिनेट ने अपनी मंजूरी।

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देहरादून-

सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में कैबिनेट बैठक आयोजित हुई,

कैबिनेट बैठक में 06 प्रस्तावों पर कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दी,

पर्यटन विभाग के तहत औली को मास्टर प्लान के तहत किया जाएगा विकसित,

ओली विकास प्राधिकरण का होगा गठन, पर्यटन विकास परिषद के तहत करेगा काम,

उधम सिंह नगर में गैस प्लांट के आने वाली CNG पर वैट किया गया कम,

बिजली बनाने वाले प्लांट को दी गयी वैट में छूट,

बद्रीनाथ मास्टर प्लान के तहत धाम में लगनी वाली मूर्तियों का कार्य INI डिजाइन स्टूडियो संस्था को दिया गया,

उद्योग सेवा क्षेत्र के तहत नई पॉलिसी को मिली मंजूरी,

पंप प्लांट स्टोरीज पॉलिसी को भी कैबिनेट ने दी मंजूरी,

सचिवालय के निजी सचिव परीक्षा में पूर्व में बाहर किए गए 4 अभ्यर्थी होंगे स्लेक्ट,